
Tu Phir Se Aana
by Raftaar
on Tu Phir Se Aana (2020)
[Verse 1: Raftaar]
भर मस्तको पे ले चले
जो पुस्तकों से दूर
पनापे जिस ज़मीन पे
उस ज़मीन पे मा भी मजदूर
मन से नश्ट तन पे कश्ट
रात खाने में है चूर संग लून
यह गरीबी का कसूर
और जो नूर बनेंगे बच्चे कूद मै मिलेंगे
नसूर से पले जो कैसे सूरमे बनेंगे
कुछ वो फूल जो खिलेंगे
कुछ को स्कूल ना मिलेंगे
कुछ के पाव दो छिलेगे
चुप वो धूल मै मिलेंगे
जिसके पेट मै आनज ना
वो किस धरम का है भला
इक भरम मै जीता वो की
कब गरम हो एक तवा
किस करम की मार है
अहर इनका बस हवा
ना मिलती मा को एक दवा
पिता सवा मै गुमशुदा
इक दफा
सोचो देश बंद था वो चल पड़ी
8 मील पहले घर से गिर के धर पे मर पड़ी
जीता नान बालिका को जीती ना जो एक कड़ी
वो दफ़न है या जल चुकी
यह सोचता में हर घड़ी
[Chorus: Salim Merchant]
तू फिर से आना
मुस्कान बनके
मेरे घर में छोटा
मेहमान बनके
तू फिर से आना
मुस्कान बनके
और हस के जीना
मेरी जान बनके
बनके..
[Verse 2: Karma]
पेट मै आग लगी है
पर पानी भी तो पास नहीं
छोटे है कदम काफी
जवानी भी तो पास नहीं
वो थक चुके इतना पटरी पे ही सो जाए
पर सुलाने वाली
मा की कहानी भी तो पास नहीं
जो घर पे है वो खुश है
जो रोड पे वो पूछे
के घर की छत मिलेगी कब?
कहा पे जाके लू चेन?
जब ना छोडने अाई थी
तो एक दिन मै पहुंचे थे
अब वापस जाने में
मुझको लगरे है दिन क्यू 6?
अब सब धुंधला लगरा
नहीं बची है ताकत
अब सो ही जाता हूं
अगले जनम में लूंगा दावत
बस मा को बतला देना
के थोड़ा दूर ही था मै
हवा मै खुशबू लेले
मिलने तक लेले राहत
और जो कहते है के मारने पर हम
1 लाख देंगे
मानो 16 मौत अाई
और हो गए 16 लाख
ऊपर शिकायत करूंगा
अब वो हिसाब लेंगे
जो घर तक छोड़ देते
तो बच जाती 16 लाश!
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