
Ghungroo
by Arijit Singh
on War (2019)
In the sun and sand the sea in the night
And I'm feeling alright
And I'm feeling alright
क्यूँ लम्हें खराब करें
आ गलती बेहिसाब करें
२ पल की जो नींद उड़ी
आ पूरे सारे ख़्वाब करें
क्या करने है उमरों के वादे
ये जो रहते हैं रहने दे आधे
२ बार नही १ बार सही
१ रात की कर ले तू यारी
सुबह तक मान के मेरी बात
तू ऐसे ज़ोर से नाची आज
कि घुँघरू टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
छोड़ के सारे शर्म और लाज
मैं ऐसे ज़ोर से नाची आज
कि घुँघरू टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
दिल लेना, दिल लेना जरूरी नहीं है
इन बातों के सिवा भी बातें कई है
१ लम्हें से जयदा की ख्वाहिश नहीं है
फिर चाहे दोबारा न मिलना कही
मेरे सपने नहीं सीधे-साधे
है गलतफेहमियाँ तो मिटा दे
२ बार नहीं, १ बार सही
१ रात की कर ले तू यारी
सुबह तक मान के मेरी बात
तू ऐसे ज़ोर से नाची आज
कि घुँघरू टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
छोड़ के सारे शर्म और लाज
मैं ऐसे ज़ोर से नाची आज
कि घुँघरू टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
इश्क़ है आज बस, कल करना भी नहीं
दिल में ठेरना तो है, पर उतरना भी नहीं
मिटना भी है कुछ देर के लिए
पूरी उम्र तुमपे मरना भी नहीं
क्या करने है उमरों के वादे
ये जो रहते हैं रहने दे आधे
२ बार नही १ बार सही
१ रात की कर ले तू यारी
सुबह तक थाम के तेरा हाथ
तू ऐसे ज़ोर से नाची आज
कि घुँघरू टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
छोड़ के सारे शर्म और लाज
मैं ऐसे ज़ोर से नाची आज
कि घुँघरू टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
टूट गये
कि घुँघरू टूट गये
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